1. निलंबन (Suspend)
यह एक अस्थायी दंड होता है।
कर्मचारी पर किसी अनुशासनहीनता या भ्रष्टाचार का आरोप लगने पर उसे जाँच पूरी होने तक निलंबित किया जा सकता है।
निलंबन की अवधि में कर्मचारी को आधे वेतन या अन्य भत्ते मिल सकते हैं, जो सेवा नियमों पर निर्भर करता है।
यदि जांच में आरोप सिद्ध नहीं होते हैं, तो कर्मचारी को पुनः बहाल किया जा सकता है।
2. पदच्युति / बर्खास्तगी (Terminate)
यह एक स्थायी दंड होता है।
जब कोई कर्मचारी गंभीर अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार, या सेवा नियमों का उल्लंघन करता है और जांच में दोषी पाया जाता है, तो उसे नौकरी से हटाया जा सकता है।
टर्मिनेशन के बाद कर्मचारी को भविष्य में सरकारी सेवा में पुनः नियुक्ति नहीं मिलती।
कभी-कभी सेवा से हटाना (Dismissal) और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) भी टर्मिनेशन का ही एक रूप हो सकते हैं।
मुख्य अंतर:
इसलिए, निलंबन एक अस्थायी कदम होता है, जबकि बर्खास्तगी अंतिम और स्थायी दंड होती है।